1. ख्वाइशें ऐसी
रखो जो पूरी
हो सकें
मंजिल वो चुनो जहाँ पहुंचा जा सके ,
राह में थक जाने से मुकाम हासिल नही होता,
मुकाम ऐसा हो जिससे आपको जाना जा सके।
2. कोई रूठ जाता है छोटी सी बात पर ,
कोई टूट जाता है अपने ही जज्बात पर ,
बात करने का सलीका अलग पहचान देता है आपको ,
वर्ना लोग पासा पलट देते हैं बात बात-बात पर।
3.. पेड़ टूट जाने पर पत्ते भी छूट जाया करत्ते हैं ,
बूँद बूँद सूख जाने से दरिया भी सूख जाया करते हैं ,
रिश्ता मोहब्बत का हो या दोस्ती का ,
कद्र न करने पर ये अनमोल रिश्ते टूट जाया करते हैं
4. ज़िन्दगी का हर पल ख़ुशी से जी लेना चाहिए ,
विचारो में मतभेद हो तो भी समझौता कर लेना चाहिए ,
सब कहते हैं कि चार दिन की सबकी ज़िन्दगानी है ,
क्यों न इन पलों को मस्ती में जी लेना चाहिए।
5. ज़िन्दगी खट्टे-मीठे एहसासों का भाव है ,
कुछ हासिल होता है तो कुछ का अभाव है ,
किसी को बंद दरवाजा तो किसी को खुली किताब है ,
दोस्तों सच कहूँ तो ज़िन्दगी का हर पल नायब है।
मंजिल वो चुनो जहाँ पहुंचा जा सके ,
राह में थक जाने से मुकाम हासिल नही होता,
मुकाम ऐसा हो जिससे आपको जाना जा सके।
2. कोई रूठ जाता है छोटी सी बात पर ,
कोई टूट जाता है अपने ही जज्बात पर ,
बात करने का सलीका अलग पहचान देता है आपको ,
वर्ना लोग पासा पलट देते हैं बात बात-बात पर।
3.. पेड़ टूट जाने पर पत्ते भी छूट जाया करत्ते हैं ,
बूँद बूँद सूख जाने से दरिया भी सूख जाया करते हैं ,
रिश्ता मोहब्बत का हो या दोस्ती का ,
कद्र न करने पर ये अनमोल रिश्ते टूट जाया करते हैं
4. ज़िन्दगी का हर पल ख़ुशी से जी लेना चाहिए ,
विचारो में मतभेद हो तो भी समझौता कर लेना चाहिए ,
सब कहते हैं कि चार दिन की सबकी ज़िन्दगानी है ,
क्यों न इन पलों को मस्ती में जी लेना चाहिए।
5. ज़िन्दगी खट्टे-मीठे एहसासों का भाव है ,
कुछ हासिल होता है तो कुछ का अभाव है ,
किसी को बंद दरवाजा तो किसी को खुली किताब है ,
दोस्तों सच कहूँ तो ज़िन्दगी का हर पल नायब है।
6. मत
पूछो हमसे कि
हमारे
दिल में क्या
है ,
खुद से पूछ लो की तुम्हारे इरादे क्या हैं ,
ज़िन्दगी का हर पल ख़ुशी से गुजार लो,
क्योंकि हर पल का अप ना मजा एक नया है।
7. इंसान जब मंदिर-मश्चिद जाता है तो ,
खुदा के सामने बिलकुल अलग नजर आता है ,
बाहर आते ही भूल जाता है वो ये बात ,
हर शख्स को वही बनाता है
जहाँ तू रोज अपनी मुराद पूरी करने जाता है।
8. तीर तरकश से निकले या नजर से ,
चुभन महसूस हो ही जाती है ,
दुआ जुबान से निकले या दिल से ,
सच्ची हो तो कबूल हो ही जाती है।
9. सिलसिले मुलाकातों के यूँ ही चलते रहेंगे ,
आपसे मिलने को हमेशा मचलते ,रहेंगे ,
बस हर कदम पर तुम साथ देना मेरा ,
गिर भी गए राह में तो भी हम सम्भलते रहेंगे।
10. खुश रहो हमेशा वरना दुःख तो सैलाब बन जाता है ,
एक बुरी चाल ज़िन्दगी में बुरा खवाब बन जाता है ,
खुद को तराशो उस मामूली से पत्थर की तरह ,
जो थोड़ा सा तराशने से खुदा बन जाता है।
खुद से पूछ लो की तुम्हारे इरादे क्या हैं ,
ज़िन्दगी का हर पल ख़ुशी से गुजार लो,
क्योंकि हर पल का अप ना मजा एक नया है।
7. इंसान जब मंदिर-मश्चिद जाता है तो ,
खुदा के सामने बिलकुल अलग नजर आता है ,
बाहर आते ही भूल जाता है वो ये बात ,
हर शख्स को वही बनाता है
जहाँ तू रोज अपनी मुराद पूरी करने जाता है।
8. तीर तरकश से निकले या नजर से ,
चुभन महसूस हो ही जाती है ,
दुआ जुबान से निकले या दिल से ,
सच्ची हो तो कबूल हो ही जाती है।
9. सिलसिले मुलाकातों के यूँ ही चलते रहेंगे ,
आपसे मिलने को हमेशा मचलते ,रहेंगे ,
बस हर कदम पर तुम साथ देना मेरा ,
गिर भी गए राह में तो भी हम सम्भलते रहेंगे।
10. खुश रहो हमेशा वरना दुःख तो सैलाब बन जाता है ,
एक बुरी चाल ज़िन्दगी में बुरा खवाब बन जाता है ,
खुद को तराशो उस मामूली से पत्थर की तरह ,
जो थोड़ा सा तराशने से खुदा बन जाता है।
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