1. लाख कोशिशें कर
दो मुझे रोकने
की,
रुकना मुझे बिलकुल
पसंद नहीं ,
तहजीब से मिले
को सर झुका
देंगे हम ,
वरना खुदा और माँ-बाप से हमें
झुकना पसंद नहीं।
2. वो मेरे सब्र का
इम्तिहान लेते रहेंगे ,
हम अपनी धुन
में मस्त चलते
रहेंगे ,
सब्र का बांध
टूटने पे आती
है
क़यामत ,
सब्र के समंदर
में वो किनारे
ढूंढते रहेंगे।
3 . कुछ लोग
ऐसे भी है
जिन्हे किसी की
कामयाबी नहीं पचती ,
कुछ लोग ऐसे
भी है जिन्हे
अपनी बातों के
सिवा बात नहीं जचती
,
कुछ खास बात
होगी हमारे अंदर
भी ऐसी ,
वरना हमारे एक इशारे
पर हजारों हाथों
से तालियां न बजती।
4 . चाहने वालों
के दिलों में
राज करता हूँ
,
नफरतबाजों के दिमाग में
खटकता हूँ ,
दोस्ती के साज
पे खूब मस्ती
करता हूँ ,
न किसी के
पैर पड़ता हूँ
न भटकता हूँ।
5. कामयाबी का सरूर जब
दिमाग में घर
कर जाता है
,
तो हर काम
करने का बहुत
मजा आता है
,
कामयाबी के शिखर का
मंजर कुछ इस
कदर होता है
,
की दुश्मनो के
खेमे में अजब
सन्नाटा छा जाता है।
6. तेरे वजूद में
इतना दम कहाँ
कि रुक जाएँ,
तेरे पास इतना
नाम कहाँ कि
तेरे
आगे झुक जाएँ
,
हम वो समंदर
हैं जिसकी गहराई
नापते नापते ,
तुम तो क्या
तेरा पूरा खानदान
बिक जाए।
7. हम कोई हवा
तो नहीं जो
तूफान ला दे,
अदब से पेश
आऊं ए खुदा ,मुझ
में ऐसी जुबान
ला दे ,
जो भी मेरी
सादगी
पर शक करे ज़िन्दगी में
,
ए खुदा उसके दिल
में भी हमारा
मकान कर ले।
8. नजर लगने की
बात अक्सर वो
करते हैं,
जो सिर्फ किस्मत
की लकीरों की
फ़िक्र करते हैं
दोस्तों के दिलों में
तो हम हमेशा
रहते हैं,
दुश्मन भी अपनी
बातों में हमारा
जिक्र किया करते
हैं।
9.बड़े बड़े नागों को अपने करीब रेंगते देखा है,
कुछ लोगोंको मैने लंबी लंबी फैंकते देखा है,
अपनी औकात जरा अपने पास ही रखना,
हमने अपने पैर पे बड़ो-2 को घुटने टेकते देखा है ।
10. ज़ुबान होने का मतलब ये नहीं के कुछ भी बोल दें,
राज़ होने का ये मतलब नहीं ,उसे हर कहीं खोल दें,
तुम्हारी हर बात लोगों के दिल मे घर कर लेगी,
बशर्ते बोलने से पहले उस बात को एक बार तोल लें।
11.अभी तीर तरकश में है, छोड़ा कहाँ है,
हवाओ में रुख अभी मोड़ा कहाँ है,
हमसे मतलब का रिश्ता न अपनाना ,
हमने मतलबी को कभी छोड़ा कहाँ है।
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