रोचक शायरी-भाग 3(Interesting
Shayari - Part 3)__ by.Anchor Sanjay Thakur
1. झुकी नज़रें, शर्मिला अंदाज़
, मैं तुझमे देखता
हूँ,
वही सादगी, वही शराफ़त, मैं तुझमे देखता हूँ,
हर तरफ आज हैवानियत का साया बढ़ रहा हैं,
पर मैं असल मे तुझमे बेहतरीन इंसान देखता हूँ ।
वही सादगी, वही शराफ़त, मैं तुझमे देखता हूँ,
हर तरफ आज हैवानियत का साया बढ़ रहा हैं,
पर मैं असल मे तुझमे बेहतरीन इंसान देखता हूँ ।
2. मेरी शराफ़त मुझसे
कहती हैं,
सबसे मिलते रहा करो,
सबसे मिलते रहा करो,
बातों बातों में
खुशियों के कपड़े सिलते रहा करो,
खुशियों के कपड़े सिलते रहा करो,
क्या फर्क पड़ता
है कि
किसी के दिल में, आपके लिए क्या है?
किसी के दिल में, आपके लिए क्या है?
मेरे अंदर का
इंसान कहता है,
सबसे खुश होके मिलते रहा करो।
सबसे खुश होके मिलते रहा करो।
3. मैं इतना बुरा
तो नही कि
मुझे नजरअंदाज कर दो,
मुझे नजरअंदाज कर दो,
मेरे दिल की
आवाज़ को,
तुम अपना साज़ कर दो,
तुम अपना साज़ कर दो,
मेरी मोहब्बत के
दरवाजे,
हमेशा खुले है तेरे लिए,
हमेशा खुले है तेरे लिए,
बेइंतिहा मोह्हबत का प्यासा हूँ,
दिल मे समाओ,अपना राज़ कर दो।
दिल मे समाओ,अपना राज़ कर दो।
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