जो लोग लाखों की बात करे , हमें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता ,पर हम उनके मुरीद हो जाते हैं जो हमेशा लाख टके की बात करते हैं
दादा-दादी फूले नहीं समा रहे ख़ुशी की छाँव में,
आज शहर से जो लौटे हैं नाती-पोते गाँव में
मैं जो करता हूँ वो होके रहता है,
की फर्क नही पड़ता जमाना क्या कहता है ?
ज़रूरी नहीं इंसान चाँद पर पहुँच जाए
मज़ा तो तब है जब इंसान , इंसान तक पहुँच जाए ।
जिनकी नियत साफ होती है
उन्हें खुद को साबित करने की ज़रूरत नहीं होती
हथियारों से सिर्फ युद्ध जीते जाते है
और विचारों से पूरी दुनिया ।
सीख रहा हूँ बोलचाल के सलीके मैं आजकल
सुना है दिलों की रियासत पे उन्ही का राज होता है।
अपने सफर की पगडंडियों को,
खुशनुमा अंदाज़ में सजाने निकला हूँ।
साजिशों के शहर में
शराफ़तों का महल बनाने निकला हूँ ।
जो असल में मौजूद है, वो ख़्वाबों में नहीं मिलता,
जो ज्ञान ज़ईफ़ से मिले, वो किताबों में नहीं मिलता।
माना कि ज़िन्दगी के सफर में कामयाबी का दरवाज़ा पहले बन्द मिलता है,
पर याद रखना किस्मत का ताला सिर्फ मेहनत की चाबी से खुलता है ।
मंज़िल न मिले तो किस्मत को क्यों कोसें हम,
जब तक जान है संघर्षों का निवाला परोसें हम ।
इंसानियत सरहद के उस पार भी है जनाब,
बस चंद कीड़ों ने चैनो सुकून छीन रखा है वहां भी।
मेरी चाहतों के संमदर के खेवट बन जाओ,
मै अपनी प्यार भरी सुनामी न लाऊँ तो कहना ।
तुम सादगी की मिसाल लगते हो मुझे,
यूँ ही नहीं इतने कमाल लगते हो मुझे ।
कील सहारा बनी रही तमाम उम्र,
तारीफ़ें उस पर टंगी तस्वीर बटोर गयी ।
कुत्ते शेर को घेर सकते हैं
पर ढेर नहीं कर सकते।
तुम लाख साजिशें रच लो, हमें बर्बाद करने की,
मुझसे दिल्लगी करने वालों को कैसे रोक पाओगे।
कली भी अपनी थी और फूल भी अपना था,
आज ऐसे लगता है जैसे वो कोई सपना था ।
हम आपके हैं और आपके रहेंगे
यह बात हम कहते हैं और कहते रहेंगे
मोहब्बत-ए-ज़िन्दगी का ऐसा दस्तूर हो जाये
दुश्मन भी बात करने को मजबूर हो जाये।
मीठा हूं तभी तो मुझे कुछ लोग नोचने पर तुले हैं
नोच नहीं पाए हैं अभी तक, बस ये सोचने को तुले हैं
शालीनता से बात करने में ही मज़ा है दोस्तो,
भरी आंच में अक्सर तड़का जल जाया करता है।
जिस रूह को रूह होने का बड़ा गुमान है,
वो आज भी कई जिस्मो में विद्यमान है।
मेरा मन मुझे हमेशा रक्तदान करने को कहता रहेगा,
मैं रहूँ न रहूँ लेकिन मेरा लहू कई जिस्मों में बहता रहेगा ।
यूँ तो शहर में चका-चौंध बहुत सी है,
मगर तेरे जाने से पल-2 तन्हा सा लगता है।
शब्दों के तीर
छुपा रखें हैं
तरकश -ए-ज़माने
में,
चलाने का हुनर
रखता हूँ जो
भी हो निशाने
में।
मोहब्बत का उम्र से कोई वास्ता नहीं होता,
ये वो मंज़िल है जिसका कोई रास्ता नहीं होता ।
दुनिया की तमाम दौलत फीकी लगती है मेरे दोस्त
जब तू कहता है टेंशन ना ले यार 'मैं हूं ना'
झूठों से सच
कहो ,तो इतराने
लग जाते हैं,
सच तो सच
है, साबित होने
में ज़माने लग
जाते हैं ।
जो मुझे न समझ सका वो
मेरे अल्फ़ाज़ क्या
समझेगा,
जो दिल मे
समाया ही नहीं,
वो दिल के
राज़ क्या समझेगा
बदला है मिजाज़ अमीर घरों में खिलौनों का,
मैंने आज भी बच्चों को मिट्टी से खेलते देखा है।
शराफ़त का सिलसिला ज़रा सा क्या छोड़ा हमने,
उनके चारों ओर आफ़त के बादल मंडराने लगे।
शायर बनना मकसद
न था कभी,
ज़िन्दगी के डायरी
ने शायरी सिखायी
है।
अंदाज़,अलफ़ाज़ और आवाज़ से वास्ता है मेरा,
एक बार बताओ तो सही तुम्हें क्या-क्या पसंद है ।
सर्द मौसम की फिज़ा को जो सितम समझते हैं
समझो वो मौसम का मिजाज़ कम समझते हैं।
सादगी की मूरत और भोली सी सूरत,
जुबान पर तेरी मिठास है
खुशनसीब हूँ मैं जो तुम जैसी हमसफर मेरे साथ है*
मैं एक बहुत बड़ी किताब हूं पढ़ते-पढ़ते थक जाओगे जिस दिन पूरी किताब पढ़ ली उस दिन से मेरे बिन रह नहीं पाओगे
दादा-दादी फूले नहीं समा रहे ख़ुशी की छाँव में,
आज शहर से जो लौटे हैं नाती-पोते गाँव में
✍✍
जब से खुद
को पढ़ा है
मैने,
ज़िन्दगी का हर
पन्ना रंगदार होने
लगा ।
जो अनेकों कमियां ढूंढते रहते है मेरे किरदार में,
वो खुद लगे रहते हैं, बस जुगाड़ की कतार में।
अपने गाड़ी- बंगले
पर गरूर न किया करो,
ये सब हम
बचपन में बना
के छोड़ चुके
हैं।
जो आपकी ज़िन्दगी का
मजाक बना दे,
उसे कामयाबी के
शिखर से रूबरू
करवा लो।
अंदाज ए अलफ़ाज़ क्या सुनाऊं तुम्हे,
तुम मेरी रूह से वाकिफ हो
वो जो हमारा कत्ल करने चले हैं,
कोई उनको कह दो, हम खंजर से नहीं डरते
बस मोहब्बत भरी निगाहों पे फ़ना हो जाते हैं।
तेरे सिवा और
किसी की चाहत
नहीं मुझे,
सच बोलता हूं
,झूठ बोलने की
आदत नही मुझे
।
ज़िंदा हो आदमी
,तो उसे तोड़ते
हुए देखा,
मैंने आज
लोगों को मुर्दों को
हाथ जोड़ते हुए देखा
उन्हें अख़बार में
छपने का सरूर
है,
मगर हमे दिलों में बसने का फितुर है
सदमा तो उन्हें
लगता है जो
दिमाग के कच्चे
हो,
हौसला रखने वाले अपनी बाजी जीत ही लेते हैं।
कुछ इस तरह का आजकल हयात (जीवन)है,
जिधर भी देखो बंदे खुरापात(अनाप-शनाप) है ।
बाहर से एक मुस्कान हूँ मैं,
लेकिन अंदर एक तूफान हूं मैं।
ठाकुर को जो
ठुकराता है।
उसका सर् चक्कर
खाता है।
बेइंतिहा शराफत से पेश
आता हूँ*
दोस्तो के दिलो
में और दुश्मनों के
दिमाग मे बस
जाता हूँ।
अपनी मंजिल का रास्ता ऐसा बेहतरीन चुनिये ,
के कामयाबी की हर डगर को आपके आने का इंतज़ार हो।
कर लो शहीदों
को याद,
रौंगटे
खड़े न हो
तो कहना,
एक बार देशभक्ति के
नशे में डूबो
तो सही,
सारे नशे छूट
न जाये तो
कहना।
मेरे सब्र का
बांध केवल तभी
टूटता है, जब
मुझ पे वो आरोप लगाए जाते
हैं,
जिसका मुझसे दूर दूर तक कोई
नाता
न हो।
किसी की बात अगर आपके दिल में उतर जाये तो उसे दिल में संजोकर रखें ,दिल में उत्तरी बात अक्सर बुरे दौर में बहुत काम आती है।
सोच ही हमारे में पैदा कर देती है दूरियां ,
मोहब्बत को यूँ ही बदनाम किया जाता है।
जो मेरी तारीफों के
पुल बांध दिया करती
थी ,
वो रिश्ते का
हर धागा तोड़
के चली के
चली गई।
गया था वो
मेरे शहर में
छाप अपनी छोड़ने,
किरकिरी खुद की
करा के वापस
आ गया।
तुम तलवार चलाओ
और कलम चलाएंगे,
तुम खून बहाओगे
,हम मरहम लगाएं.
शेर कभी भी
घास खाना पसंद नही
कर सकता ,
क्योंकि उसे अपनी
ताकत पर पूरा
भरोसा है ।
मेरी ज़िन्दगी के
हर उजाले कावो दीया
था
,
आज उसने बेवफाई से अँधेरा कर दिया।
सोचा था कि वो हमारे लिए कभी नहीं बदलेंगे ,पर बदलना उनकी फितरत थी और सम्भलना हमारी।
आप हमारे लिए
इतने खास हैं
कि
दूर होके
भी आपके पास होने का
एहसास है।
आपकी शराफत का
कोई जितना मर्जी
फायदा उठा ले,
एक दिन वो
भी आपकी शराफ़त
को सलाम ठोकेंगे।
हमसे अपने दिल
की आवाज़ छुपाया
न करो जनाब,
हम अक्सर दूसरों
के दिल की
बात बोल दिया
करते हैं।
मोहब्बत की शुरुआत में लोग दिल में उतर जाते है ,समय निकल जाने पे असली औकात दिखाते हैं।
एक तौलिया साफ-सुथरे बदन को साफ करने के बावजूद भी समय-2 पर धोया जाता है ,इसलिए खुद को कभी परिपूर्ण न समझें , निरन्तर कुछ न कुछ अच्छा करते रहें।
ज़िन्दगी का बस यही झमेला है ,हर इंसान आज अंदर से अकेला है।
मुश्किलों से जो लड़ा नहीं,
वो आगे कभी बढ़ा नहीं।
हर जन्म में साथी का साथ चाह्ते हो तो मोहब्बत को रुह से अंजाम दो ,लिबास से की मोहब्ब्त एक दिन ख़त्म हो जाती है।
दुनिया की नजर में अगर आप पागल हो ,समझो लो कि भीड़ से अलग काम कर रहे हो।
"लोग क्या कहेंगे" अगर ये परवाह करोगे ,तो कामयाबी की हर सीढ़ी अपनी तबाह करोगे।
लोगों की नजर में अच्छे बने रहना है तो
तो उनकी तारीफ करने के फॉर्मूले सीख लो।
लोग खवाब देखते है महलों में रहने के ,और हम देखते हैं लोगो के दिलों में........ .
दोस्ती , केवल दोस्त बोल के नहीं ,दिल खोल के होनी चाहिए।
दुनिया में सबसे दुखी औरत वो है जिसे बहु होते हुए सास का प्यार
और बाद में खुद सास होते हुए अपनी बहू का प्यार न मिल पाए।
लोग पहले के शादी करने के लिए खानदान देखते थे
और आज के दौर में लोग बस खानपान देखते हैं।
आप कितने अच्छे और सच्चे हो
ये बात दुनिया से न नहीं ,अपनी माँ से पूछ के देखो।
दुनिया में मस्त होके जीना है तो हल पल को खास बना लो ,
मायूसी में जीना भी कोई जीना होता है क्या।
ऐसी कोई मशीन दुनिया में नहीं बना पाया कोई ,जो इंसान के अंदर के शैतान को माप सके।
कामयाब होने के लिए जनून का होना जरुरी है
खाली शौक रखने से एक दिन शॉक भी लग सकता है।
कामयाबी के लिए तकदीरें और हाथों की लकींरे नहीं ,किसी भी काम करने में पागलपन चाहिए।
चुनाव जीतने के बाद पुरोधा के अंदाज़ और मिजाज़ बदल जाते हैं।
याद रखना अपने कियेे वादों को तुम, क्योंकि हमारे वोट से बड़ों-बड़ों के ताज़ बदल जाते हैं।
# भारतीय राजनीति #
महंगाई और भ्रष्टाचार सिर्फ विपक्ष में बैठ के ही दिखते हैं
फिर चाहे विपक्ष में कोई भी सरकार हो।