शायराना अंदाज़
ANCHOR SANJAY THAKUR FROM HIMACHAL PRADESH, I LIKE TO DO MULTIPLE TASKS LIKE ANCHORING, ANNOUCING, TEACHING, MOTIVATIONAL TRAINING , WRITING SHAYARI, PAHARI SONGS AND POEMS ETC
Saturday, December 28, 2019
Monday, August 26, 2019
Saturday, April 6, 2019
ज़िन्दगी शायरी
मोहब्बत भरी जिंदगी के लिए मोहब्बत ज़रूरी है,
दिलों में राज़ करने के लिए शराफ़त जरूरी है,
रिश्तें बनाये रखना, अपनो के साथ हमेशा,
क्योंकि चाँद की खूबसूरती ,सितारों के बगैर अधूरी है ।
Friday, August 10, 2018
मैं और मेरी शायरी
ज़मीं
पर चलता हूँ,
आसमानी रास्तों में
चलना पसंद नहीं,
हर पल मस्ती में रहता हूँ, बेवजह मचलना पसंद नही,
काफी लोग मेरे करीब हैं, बहुत से लोग पास नहीं आते,
वजह बस ये है मुझे मतलब का रिश्ता रखना पसंद नहीं।
हर पल मस्ती में रहता हूँ, बेवजह मचलना पसंद नही,
काफी लोग मेरे करीब हैं, बहुत से लोग पास नहीं आते,
वजह बस ये है मुझे मतलब का रिश्ता रखना पसंद नहीं।
सुनता
हूँ सबकी बातें
मैं, किसी की
बात पर पकना
पसंद नहीं।
जो हमारी शराफत का फायदा उठा ले, उसे दिल मे रखना पसंद नहीं,
मिलता हूँ सभी से अक्सर मैं दिल के दरवाज़े खोलकर,
वजह बस ये है,मुझे मतलब का रिश्ता रखना पसंद नहीं ।
जो हमारी शराफत का फायदा उठा ले, उसे दिल मे रखना पसंद नहीं,
मिलता हूँ सभी से अक्सर मैं दिल के दरवाज़े खोलकर,
वजह बस ये है,मुझे मतलब का रिश्ता रखना पसंद नहीं ।
कुछ
लोग अपनी सुना
लेते हैं, कुछ
को अपनी सुना
लेता हूँ ।
करने पे आ गया तो अच्छे अच्छे को उनकी औकात बता देता हूँ,
कुछ ऐसे भी है जो खुद ही अपनी औकात पे आ जाते हैं
पर मन कुछ ऐसा है मेरा कि उन सबको भी गले लेता हूँ ।
करने पे आ गया तो अच्छे अच्छे को उनकी औकात बता देता हूँ,
कुछ ऐसे भी है जो खुद ही अपनी औकात पे आ जाते हैं
पर मन कुछ ऐसा है मेरा कि उन सबको भी गले लेता हूँ ।
अच्छे
लोगों को हमें कभी परखना पसन्द नहीं,
धोखेेबाज़ी का स्वाद हमें कभी चखना पसन्द नहीं,
बिना फायदे होने के मिल लेते हैं हम तमाम लोगों से,
बजह बस ये है, मुझे मतलब का रिश्ता पसंद नही।
धोखेेबाज़ी का स्वाद हमें कभी चखना पसन्द नहीं,
बिना फायदे होने के मिल लेते हैं हम तमाम लोगों से,
बजह बस ये है, मुझे मतलब का रिश्ता पसंद नही।
एंकर संजय ठाकुर
+919817018596
skthakur596@gmail.com
+919817018596
skthakur596@gmail.com
रोचक शायरी-भाग 3(Interesting Shayari - Part 3)__ by.Anchor Sanjay Thakur
रोचक शायरी-भाग 3(Interesting
Shayari - Part 3)__ by.Anchor Sanjay Thakur
1. झुकी नज़रें, शर्मिला अंदाज़
, मैं तुझमे देखता
हूँ,
वही सादगी, वही शराफ़त, मैं तुझमे देखता हूँ,
हर तरफ आज हैवानियत का साया बढ़ रहा हैं,
पर मैं असल मे तुझमे बेहतरीन इंसान देखता हूँ ।
वही सादगी, वही शराफ़त, मैं तुझमे देखता हूँ,
हर तरफ आज हैवानियत का साया बढ़ रहा हैं,
पर मैं असल मे तुझमे बेहतरीन इंसान देखता हूँ ।
2. मेरी शराफ़त मुझसे
कहती हैं,
सबसे मिलते रहा करो,
सबसे मिलते रहा करो,
बातों बातों में
खुशियों के कपड़े सिलते रहा करो,
खुशियों के कपड़े सिलते रहा करो,
क्या फर्क पड़ता
है कि
किसी के दिल में, आपके लिए क्या है?
किसी के दिल में, आपके लिए क्या है?
मेरे अंदर का
इंसान कहता है,
सबसे खुश होके मिलते रहा करो।
सबसे खुश होके मिलते रहा करो।
3. मैं इतना बुरा
तो नही कि
मुझे नजरअंदाज कर दो,
मुझे नजरअंदाज कर दो,
मेरे दिल की
आवाज़ को,
तुम अपना साज़ कर दो,
तुम अपना साज़ कर दो,
मेरी मोहब्बत के
दरवाजे,
हमेशा खुले है तेरे लिए,
हमेशा खुले है तेरे लिए,
बेइंतिहा मोह्हबत का प्यासा हूँ,
दिल मे समाओ,अपना राज़ कर दो।
दिल मे समाओ,अपना राज़ कर दो।
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